भर्ग प्रबन्धन ब्रह्म देवताओं के तेज का नाम भर्ग है। देवताओं को तेज सविता सर्वव्यापक से मिलता है। सविता सर्वव्यापक और देवताओं के मध्य सीधा सम्बन्ध है। देवताओं के पश्चात् धी, धियः,…
रेवती ~ (पच्चीस पचहत्तर सिद्धान्त) गौरवमय उन्नति अग्रसर मानस हलचल करते पंच समूह का नाम रेवती है। समस्या पर मानसिक हलचल करते समूह की क्रिया को ब्रेन स्टार्मिंग कहते हैं। ओसवार्न नाम के शिक्षक ने…
“बेंच मार्किंग” ”शत प्रतिशत तनिक कम नहीं“ के नारे के पश्चात स्तरीकरण या बेंच मार्र्किंग एक सही दिशा में सही कदम है। ”बेंच मार्किंग“ एक तुलनात्मक शब्द है। उच्चता मापक रेखाएं इसका…
‘‘अंहस-प्रबंधन’’ विश्व में सारी त्राुटियों, सारी बीमारियों, सारी कमजोरियों का कारण प्रज्ञा-अपराध् है। प्रज्ञा का घटिया में लिथड़ जाना ही प्रज्ञा-अपराध् है। सारी की सारी त्राुटियों और रोगों का मूल कारण…
अध्यात्म प्रबन्धन आत्म से गहन स्तर के भी प्रबन्धन का नाम है अध्यात्म प्रबन्धन। इसके तत्व हैं- अ) यजन, ब) तप, स) तितिक्षा, द) मुमुक्षुत्व। इसमें यजन के चरण हैं- त्यागन, लक्ष्यन,…
दशरूपकम् या कामूआत ~कम लागत अधिक उत्पादकता गुणवत्ता तकनीक ”दशरूपकम्“या ”कामूआत“परियोजना प्रबंधन वह तकनीक है जो वर्तमान की परियोजना प्रबंधन तकनीक ”पर्ट“का संस्कारित रूप है। पर्ट या प्रोग्रॅम इवोल्यूशन रिव्यू टेक्नीक विधा का उपयोग परियोजनाओं का विलम्ब से पूरा…
अभय प्रबंधन दिवस रात्रि, सूर्य चाँद, धरा आकाश, कल आज न भय करतेे हैं न नष्ट होते हैं। हे मेरे प्राण चन्द्रस्वर सूर्यस्वर और चन्द्रसूर्य स्वर तुम भी अभय रहो और सतत…
“अब प्रबन्धन” समय की सर्वोत्तम परिभाषा तब नहीं तब नहीं ”अब“है। अर्थात यह आदि में अव्यक्ता है, मध्य में व्यक्त है और अन्त में अव्यक्ता है। समय प्रबन्धन का सर्वोत्तम तथ्य ‘अब’है।…