वैज्ञानिक विधि वह विधि जिसके अनुसार विश्लेषण व्यवस्था लागू करके किसी भी विषय को विज्ञान की श्रेणी मे लाया जा सकता है, वैज्ञानिक विधि है। आधुनिक विज्ञान की यह एक महत्वपूर्ण अवधारणा…
यथावत अर्थात स्तुति प्रबन्धन ‘बुलबुला प्रबन्धन’, ‘ललो चप्पो प्रबन्धन’ है वर्तमान का भारतीय प्रबन्धन। बच्चे जो साबुन का बुलबुला फुलाते हैं देखते हैं साबुन तह के बदलते रंग; और खुश हो जाते हैं। फिर…
पुष्प प्रबन्धन मुझे तोड़ लेना तुम माली उस पथ पर तुम देना फेंक मातृभूमि पर षीष चढ़ाने जिस पथ जाएं वीर अनेक यह पुष्प अभिलाषा उदात्त अभिलाषा है। पुष्पगुच्छ ऊर्ध्व गति, त्याग…
स्वभाव प्रबन्धन ‘स्व’ के मूल ‘भाव’ को ‘स्वभाव’ कहते हैं। विश्व के सारे प्रबन्धनों का उद्देश्य है ”स्व-भाव“ परिवर्तन। प्रबन्धन में लक्ष्य परिवर्तन आयोजन परिवर्तन कर देता है। अतः खांचे ढला आदमी…
“प्राकृतिक संरक्षण का प्रश्न ?” कल्याणमयी, सुरक्षित, विस्तृत सुआधार, सुज्योतित, उथल पुथल रहित, उत्तम सुखदायक, अंखंडित, दक्षतापूर्वक निर्मित एवं चलित, उत्तर आधार युवा, निर्दोष तथा छिद्र रहित अन्तरिक्ष नाव धरती का हम आरोहण करें ।…
“पर्यावरण सांस्कृतिक स्वरूप” संस्कृति का अर्थ है संस्कारित करना । नारी सुन्दर वस्त्रों आभूषणों तथा श्रृंगार के साथ लज्जा, वात्सलय, प्रेम आदि गुणों से संस्कारित होती है । संस्कार का अर्थ है –…
“प्रबन्धन गुरु तथा उनकी सीख की आत्मा” हर काल में वृहत कार्य किये जाते रहे हैं । कार्य करने का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन मनुष्य ही रहा है और हमेशा मनुष्य ही रहेगा । मनुष्य के सामने अन्य…
“संपूर्ण गुणवत्तापूर्वक ही व्यवसायीकरण विकास” विश्वीकरण, नवीनीकरण, उन्नयनीकरण, उन्मेषीकरण, स्तरीकरण, पर्यावरण, शोधीकरण, शून्य त्रुटि विद्या मानकीकरण, पारदर्शीकरण, कार्य समूहीकरण, विकासीकरण, आदि प्रत्यय का स्वरूप एवं उपयोग दर्शाते हैं । इस संपूर्ण गुणवत्ता प्रत्यय में व्यवसायीकरण…
“मातृ प्रबंधन” प्रबंधन का अति उच्च प्रकार तथा गहन प्रकार है मात्र प्रबध्ंान । अनुसूया के द्वार पर तीन ऋषि पहुंचे। उन ऋषियों की विचित्र मांग थी कि अनुसूया उन्हें नग्न होकर…
“अत्रि प्रबंधन” ”त्रि“ नहीं है जो उसे कहते हैं ”अत्रि“ । ”त्रि“ से अति है जो वह है अत्रि । तम, रज, सत के विभिन्न मित्रों से परे है जो वह है…
“भारतीय अभियंता-भविष्य चुनौतियाँ” अमेरिका ब्रिटेन अभियांत्रिकी के पीछे भागता जापान तकनीकी विश्व श्रेष्ठ हो गया । जर्मनी विश्व तकनीक में द्वितीय हो गया । भारत पीछे से और पीछे रह गया । अपवाद…
“इलस पद प्रबंधन” सर्वोच्च पद के निकटतम रहते चरम स्ाििति हेतु प्रबंधन को वैदिक अर्थों में ”इलसपदे प्रबंधन“ कह सकते हैं । ”इलस“ पद ईडना स्तुति पद है । मलयापन (मल निराकरण), हीनांग…