“सिद्धिदा-प्रबन्धन” आठ चक्र नौ द्वार का हठ दुर्ग है अयोध्या अजेय इस दुर्ग की अधिपत्या है दुर्गा। इस दुर्गा का नाम आत्मा। इस पुरी में दो गुप्त द्वार भी हैं। यह…
शुभ-अशुभ प्रबन्धन शुभ.अशुभ प्रबन्धन के कई कई आयाम हैं जो अति व्यापक रूप से भरथरी नीति श्लोकों में देता है। मैं बैंक गया वहां ठेठ भाषा में लिखा था श्अवर मोटो फ्रॉफिटश्…
“शून्य त्रुटि प्रबन्धन” सर्व कल्याण के लिए आज ही किये गए कर्मों का अवलोकन करके, उनके उदाहरण से इस पल किये जा रहे कर्मों और भविष्य में आयोजित किये गये कर्मों से सारी…
दशरूपकम् ~ (शोले फिल्म की सफलता का सच) क्या कोई सोच सकता है कि संसार की सारी सफल फिल्मों का सच भारतीय संस्कृति का ”दशरूपकम्“है? पर यह शत प्रतिशत सच है। पाश्चात्य फिल्मों में साऊंड ऑफ म्यूजिक, डॉ.जिवागो,…
समय प्रबन्धन भरथरी ने समय का सूक्ष्म एवं व्यापक भी अध्ययन मनन किया था। उसने यह भी देखा था कि लोग समय प्रबन्धन तो प्रबन्धन समय से भी अनभिज्ञ हैं। ”समय बाध“में…
रेवती ~ (पच्चीस पचहत्तर सिद्धान्त) गौरवमय उन्नति अग्रसर मानस हलचल करते पंच समूह का नाम रेवती है। समस्या पर मानसिक हलचल करते समूह की क्रिया को ब्रेन स्टार्मिंग कहते हैं। ओसवार्न नाम के शिक्षक ने…
‘‘प्रातः प्रबंधन’’ सोने वाला कलयुग है। करवट बदलनें वाला द्वापर है। उठकर खड़ा हो जाने वाला त्रोता है। चलने वाला सतयुग है। दौड़ने वाला अजयुग है। आज का आरंभ है अज। अज…
परियोजना प्रबन्धक औद्योगिक विश्व में कार्यात्मक दृष्टि से परियोजना प्रबन्धन अत्यन्त कठिन कार्य है। इस कार्य के लिए ही अधुनातन पर्ट विधि का विकास हुआ। पर्ट का हिन्दी नाम है कामूआत- ‘कार्य…
पंच निर्दोष प्रबन्धन शून्य त्रुटि आदमी का हर कार्य शून्य त्रुटि होता है। शून्य त्रुटि मशीनों का कार्य सीमित समय शून्य त्रुटि होता है। मशीनें क्रमशः ह्रास को प्राप्त होती हैं। उनकी गुणवत्ता…
एव प्रबन्धन एव शब्द के दो अर्थ होते हैं। 1. अयन, 2. अवन। अयन का अर्थ है गमन और अवन का अर्थ है रक्षण। धरती ‘एव’शब्द की सही परिचायिका है। धरती अन्तरिक्ष…
“धर्म-मेघ प्रबन्धन” अधर्म या पाप या मानव हीनता या दोष या त्रुटि का लेशमात्र भी रह न जाने के बाद शत प्रतिशत धर्म या अपापविद्ध, मानकपूर्ण या निर्दोष या गुण-पूर्त अवस्था का…
‘‘चरण प्रबंधन’’ चरण शब्द में दो आधर शब्द है। एक चर और रण। तीसरा शब्द है चरण। चरण का अर्थ होता है कदम जो चलने के काम आते है। वे काम अभागी…