जगदीश चन्द्र बोस जगदीश चन्द्र बोस प्राणियों में ही नहीं अपितु वनस्पति में भी जीव है यह सिद्ध करने वाले महान भारतीय वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बोस का जन्म 20 नवम्बर 1858 में ढ़ाका…
श्री निवास रामानुजम् श्री निवास रामानुजम् आधुनिक गणितज्ञों में श्री निवास रामानुजम् का नाम समग्र विश्व में अत्यन्त आदर व श्रद्धा से लिया जाता है। आपका जन्म 22 दिसम्बर 1887 में तमिलनाडु के…
आचार्य चाणक्य आचार्य चाणक्य कुटिल गोत्रोत्पन्न आचार्य चणक ने अपने पुत्र का नाम विष्णुगुप्त रखा था। कालान्तर में चणक आचार्य के पुत्र विष्णुगुप्त चाणक्य नाम से प्रसिद्ध हुए। इनका समय 322 या…
नागार्जुन नागार्जुन प्राचीन भारत ने गणित तथा ज्योतिष् के क्षेत्रों में नए-नए संशोधन करके विश्व की ज्ञान सम्पदा में अभिवृद्धि करके उसे समृद्ध बनाया है। इतना ही नहीं अपितु रसायन शास्त्र…
भास्कराचार्य भास्कराचार्य भास्कराचार्य का जन्म वि.सं. 1114 में हुआ था। कुछ लोग आपका जन्मस्थान कर्नाटक का बीजापुर मानते हैं तथा कुछ लोग बिज्जडित नामक ग्राम जो वर्तमान में महाराष्ट्र का जलगांव…
महर्षि सुश्रुत महर्षि सुश्रुत शल्यक्रिया के क्षेत्र में सबसे आगे सुश्रुत का नाम है। आप एक प्रसिद्ध व कुशल शल्य चिकित्सक थे। शल्य का शाब्दिक अर्थ है शरीर की पीडा। इस पीडा…
वराहमिहिर वराहमिहिर वराहमिहिर का जन्म मध्यप्रदेश के उज्जयिनी नामक नगर में हुआ था। आपका जन्मकाल सन् 499 अर्थात् वि.सं. 556 के आस-पास होने का अनुमान किया जाता है। आपके पिता आदित्यदास…
महर्षि चरक महर्षि चरक चरक महान् आयुर्वेदाचार्य थे। आप कुषाण सम्राट् कनिष्क प्रथम के राजवैद्य थे। कनिष्क प्रथम का काल सन 200 का है। आप का जन्म शल्यक्रिया के जनक महर्षि सुश्रुत…
महर्षि भारद्वाज आचार्य भारद्वाज आचार्य भारद्वाज के पिता महर्षियों में श्रेष्ठ आचार्य बृहस्पति के पुत्र थे। आपकी माता का नाम ममता था। आचार्य बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है। एक…
महर्षि कणाद महर्षि कणाद परमात्मा, विश्व का निर्माण, और संचालन की प्रक्रिया के विषयों में हमारे देश में अनादि काल से चिन्तन होता रहा है। इस चिन्तन द्वारा महर्षियों को अनुभूति हुई,…
महर्षि कपिल महर्षि कपिल महर्षि कपिल के पिता कर्दम ऋषि थे। आपकी माता का नाम मनुपुत्री देवहूति था। महर्षि कपिल का जन्म आज से लगभग 5000 वर्ष पूर्व का माना जाता है।…
आर्यभट्ट आर्यभट्ट आर्यभट्ट का जन्म वि.सं. 533 अर्थात् सन् 476 में हुआ था। यह समय भारत का सुवर्णयुग था। मगध शासक गुप्त साम्राज्य के निर्देशन में समग्र भारत बहुमुखी प्रगति में…