हम इतिहास लिखेंगे हम इतिहास लिखेंगे, हम इतिहास लिखेंगे। हमें स्वार्थ की घटा हटाकर नई प्रभा छिटकानी है। हम इतिहास लिखेंगे उनका जिनकी सजग जवानी है।। टेक।। हमने मनु के चारुचरित शिक्षण को…
हम हैं भोले बच्चे “कच्चे घड़े” हम हैं भोले बच्चे, जीवन में हैं सच्चे। पवित्र हमारा तन मन, हम घड़े हैं कच्चे।। टेक।। भीतर बाहर सम सम, ज्ञान चढ़ें अब हम पे। ऐसा वातावरण…
हम आज प्रगति की ओर चलें प ग म रे ग स रे नी स ग ग रे म ग हम आज प्रगति की ओर चलें। उर में जननी की अमर भक्ति। भर नस नस में…
हो रही धरा विकल हो रही धरा विकल, हो रहा गगन विकल। इसलिए पड़ा निकल, है आर्यों का वीर दल।। असंख्य कीर्ति रश्मियाँ, विकीर्ण तेरी राहों में। सदैव से विजय रही है, वीर तेरी…
हे विभो आनन्दसिन्धो समर्पण प्रार्थना हे विभो आनन्दसिन्धो मे च मेधा दीयताम्। यच्च दुरितं दीनबन्धो तच्च दूरं नीयताम्।। टेक।। चंचलानि चेन्द्रियाणि मानसं मे पूयताम्। शरणं याचे तावकोऽहं सेवकोऽनुगृह्यताम्।। 1।। त्वयि च वीर्यं विद्यते…
हैं सब से दिव्य वो पल जिनमें “अमिट” हैं सब से दिव्य वो पल जिनमें। हम ब्रह्म निकटतम पाते हैं। संसार शून्य हो जाता है। हम भी तो अमिट हो जाते हैं।। टेक।। मानवता के मन में…
गलत मत कदम उठाओ एक डाल के हम हैं पंछी, अलग अलग अपनी भाषाएँ। एक दूजे को साथ में लेकर, एक ही स्वर में गाएं। गलत मत कदम उठाओ सोच कर चलो, विचार कर…
ब्रह्मन् स्वराष्ट्र में हों राष्ट्रगान-काव्य ब्रह्मन् स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी। क्षत्रिय महारथी हों, अरिदल विनाशकारी।। 1।। होवें दुधारु गौएं, पशु अश्व अशुवाही। आधार राष्ट्र की हों, नारी सुभग सदा ही।। 2।। बलवान…
एक साथ उच्चार करें एक साथ उच्चार करें, हम ऐसा व्यवहार करें। एक मन्त्र का घोष करें, कृण्वन्तो विश्वमार्यम्।। टेक।। आज नहीं प्राचीन समय से वेद हमारा साथी। दूर दूर तक फैलाई थी वैदिक…
धरती की शान धरती की शान, तू है मनु की सन्तान। तेरी मुट्ठियों में बन्द तूफान है रे ऽ ऽ मनुष्य तू बड़ा महान् है- भूल मत।। टेक।। तू जो चाहे पर्वत पहाड़ों…
बिन आत्मज्ञान के दुनियां में बिन आत्मज्ञान के दुनियां में, इन्सान भटकते देखे हैं। आम बशर की तो बात ही क्या, सुल्तान भटकते देखे हैं।। टेक।। जो सबरों सकूं की दौलत है, मिलती है आत्मज्ञानी…
दीप जलानेवाला रूठ गया दीप जलानेवाला रूठ गया ओ दिन के अवसान धरा पर दीवाली लाए। हर घर में पथ में निर्जन में हरयाली लाए। बाल हँसते मुस्काते हैं, युवा अनेकों दीपों में तन्मय…