३६- शास्त्रार्थ विजय ३६- शास्त्रार्थ विजय अनूप शहरवाले शास्त्री हीरावल्लभ ने। शास्त्रार्थ विवाद काज सभा को बुलाई है।। सभा बीच रखी प्रतिमा को स्वयं महर्षि के। हस्त से धराऊं भोग वही बात ठाई…
३७- जेते नभ तारे हैं ३७- जेते नभ तारे हैं दलित तारक सारे समाज के सुधारक। आर्य नारी उद्धारक अनाथ उबारे हैं।। थापे आर्य शिक्षण के केते-केते गुरुकुल। जाति-पाती, जड़ रूढी-बंधन बिदारे हैं।। स्वराज स्वदेशी…
३८- दयानिधि ३८- दयानिधि जोधपुरपति को सुबोध दयानन्द देत। राज गणिका का दिल द्वेष ने जला दिया।। महर्षि के पाचक को कीनो वश कामिनी ने। हलाहल विष पयपान में मिला दिया।। वो…
३९- अन्तिम इच्छा ३९- अन्तिम इच्छा आए अजमेर वहां जहर ने लिया घेर। वैदो नारायणो हरिः ऐसो वक्त आयो है।। अंतिम बिदाई को दीपावली अंतिम दिन। दीपन को दिन आज शोक में समायो…
४०- भारत के शेर ४०- भारत के शेर दीनानाथ की दया से आए दयानन्द देव। दीन-हीन देश के सुवर्ण के सुमेर थे।। वेदधर्म व्याप्त सेवा धर्म में समाप्त हुए। आप्त हु के आप्त वे…
४१- रखी आन हिन्दवान की ४१- रखी आन हिन्दवान की हाथ रखे वेद, वेद-धर्म को विख्यात रखे। तात रखी तुमने ही ख्यात हिन्दुस्थान की।। जात रखे जनेऊ को चोटी को कटात रखी। बात रखी एक…
४२- मलय के समीर थे ४२- मलय के समीर थे भारती की भीड पाप-पीड को पिछानी धीर। वीर दयानन्द गुन-सागर गंभीर थे।। प्यारे वेदोंवाले सारे हिन्द के सितारे मात- भारती के नैन-तारे न्यारे नरवीर थे।।…
४३- ग्रन्थ प्रकाशन ४३- ग्रन्थ प्रकाशन आर्याभिविनय विज्ञापन व्यवहारभानु। भ्रान्ति निवारण संध्या वेदांग प्रकाश है।। पंच महायज्ञविधि सत्य असत्य विवेक। अष्टाध्यायी स्वमन्तव्यामन्तव्य प्रकाश है।। गोकरुणानिधि भ्रमोच्छेदन संस्कारविधि। प्रतिमा-पूजन यजु ऋग्वेदादि भाष्य है।। आर्योद्देश्य-रत्नमाला…
४४- सत्यार्थ प्रकाश ४४- सत्यार्थ प्रकाश कैधों अवनि को एक अजर-अमर ग्रन्थ। कैधों आर्य समाज को आतम उल्लास है।। कैधों अनमोल महा रत्नों को रत्नाकर की। वेद को विशेष सत्त्व तत्त्व को प्रकाश…
४५- शेर बब्बर था ४५- शेर बब्बर था भारत के नरवर जगत के गुरुवर। पुरुष-प्रवर तू प्रखर वीरवर था।। नेता नर नाहर तू अडग गिरिवर तू। सदा सुखकर तू शीतल सरवर था।। काराणी कहत…
४६- बल दल ४६- बल दल दया-बल, मया-बल विमल विनोद बल। वेद शास्त्र बल का सबल शस्त्र बल था।। विद्या बल वाणी बल युक्ति प्रयुक्ति का बल। पूर्ण प्रेम बल का अमल परिमल…
४७- जागे ४७- जागे काल की कमान जागे पत्थर में प्राण जागे। हिन्द के जवान जागे तेरे शब्दबाण से।। भारत की शान जागे नेह के निधान जागे। वेद धर्मध्यान जागे वेद के…