३७- जेते नभ तारे हैं

३७- जेते नभ तारे हैं दलित तारक सारे समाज के सुधारक। आर्य नारी उद्धारक अनाथ उबारे हैं।। थापे आर्य शिक्षण के केते-केते गुरुकुल। जाति-पाती, जड़ रूढी-बंधन बिदारे हैं।। स्वराज स्वदेशी…

४३- ग्रन्थ प्रकाशन

४३- ग्रन्थ प्रकाशन आर्याभिविनय विज्ञापन व्यवहारभानु। भ्रान्ति निवारण संध्या वेदांग प्रकाश है।। पंच महायज्ञविधि सत्य असत्य विवेक। अष्टाध्यायी स्वमन्तव्यामन्तव्य प्रकाश है।। गोकरुणानिधि भ्रमोच्छेदन संस्कारविधि। प्रतिमा-पूजन यजु ऋग्वेदादि भाष्य है।। आर्योद्देश्य-रत्नमाला…

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