एकमत होने का प्रकार November 7, 2019 By Arun Aryaveer सत्यार्थ प्रकाश के अनमोल वचन जो बाल्यावस्था में एक सी शिक्षा हो सत्यभाषणादि धर्म का ग्रहण और मिथ्याभाषणादि अधर्म का त्याग करें तो एकमत अवश्य हो जाएं। और दो मत अर्थात् धर्मात्मा और अधर्मात्मा सदा रहते हैं, वे तो रहें। परन्तु धर्मात्मा अधिक होने और अधर्मी न्यून होने से संसार में सुख बढ़ता है और जब अधर्मी अधिक होते हैं तब दुःख। जब सब विद्वान एक सा उपदेश करें तो एकमत होने में कुछ भी विलम्ब न हो। -महर्षि दयानन्द सरस्वती Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.