मैंने ईसाई मत क्यों छोड़ा November 25, 2019 By Arun Aryaveer Why_I_Am_Not_a_ChristianDownload विगत 29 वर्षों के अपने वैदिक धर्म के अध्ययन से मैं निश्चयपूर्वक यह कह सकता हूं कि पृथ्वी पर सभी मत सम्प्रदायों में वैदिक धर्म के से सार्वभौम कल्याणकारी विचार कहीं पर भी देखने को नहीं मिलते। जो युवा पीढ़ी वैदिक धर्म के प्रति अज्ञान तथा आधे-अधुरे ज्ञान के चलते अविश्वास तथा अन्य मतानुयायियों के थोड़े से बहकावे में आकर अपना धर्म परिवर्तन करते हैं उन्हें इस पुस्तक में लिखे विचारों पर चिन्तन कर स्वधर्म में वापसी की प्रेरणा देता हूं। ईसाई मतानुयायी स्वमत विस्तार के लिए अपनी बेटियां तक हिन्दू लड़कों को देने को उद्यत रहते हैं तथा विवाह पश्चात उन लड़कों को ईसाई बना लेते। इसी प्रकार हिन्दू लड़कियों को ईसाई बनाकर अपने मतस्थ लड़कों से विवाह कराया जाता है। इसप्रकार सुनियाजित ढंग से भारत में चल रहा धर्मान्तरण का षडयन्त्र है। मतान्तरण के इस कुचक्र को हमें न केवल रोकना है अपितु सत्यग्राही ईसाइयों को वैदिक धर्म की महत्ता समझाकर कृण्वन्तो विश्वमार्यम् इस परमात्मा के आदेश को चरितार्थ भी करना है। ~ “आर्यवीर” Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.