राजधर्म प्रश्नोत्तरी March 29, 2020 By Arun Aryaveer राजधर्म प्र. १) राजधर्म का अर्थ क्या है ? उत्तर : प्रजा के प्रति राजा के कर्त्तव्य को राजधर्म कहते हैं। प्र. २) राज्य करने का अधिकार किसे है ? उत्तर : राज्य करने का अधिकार न्यायप्रिय, वेद को मानने वाले क्षत्रिय को है। प्र. ३) राज्य के अन्तर्गत कितनी सभाएँ होनी चाहिएं, उनके नाम बताइए ? उत्तर : राज्य के अन्तर्गत तीन सभाएँ होती हैं। उनके नाम हैं- १. विद्या सभा, २. धर्म सभा, ३. राज सभा। प्र. ४) तीनों सभाएँ किसके अधीन होती हैं ? उत्तर : तीनों सभाएँ राजा के अधीन होती हैं। प्र. ५) क्या राजा स्वतन्त्र होता है ? उत्तर : राजा तीनों सभाओं के आधीन होता है। प्र. ६) विद्यासभा के अधिकारी कौन होते हैं ? उत्तर : वेद के विद्वान् विद्यासभा के अधिकारी होते हैं। प्र. ७) धर्म सभा में अधिकारी बनने की योग्यता क्या है ? उत्तर : धर्म सभा का अधिकारी धार्मिक और विद्वान् होना चाहिए। प्र. ८) राज सभा का अधिकारी कौन बन सकता है ? उत्तर : धार्मिक व्यक्ति जो दण्डनीति और न्याय की नीति को जानता हो, वह राज सभा का अधिकारी बन सकता है। प्र. ९) राजा में कौन से गुण होने चाहिए ? उत्तर : राजा वेद का विद्वान्, शूरवीर, पक्षपात रहित, दुष्टों का नाश करने वाला, श्रेष्ठ पुरुषों का सम्मान करने वाला और प्रजा को सन्तान के समान समझने वाला होना चाहिए। प्र. १०) धर्म की स्थापना के लिए क्या आवश्यक है ? उत्तर : धर्म की स्थापना के लिए दण्ड व्यवस्था आवश्यक है। प्र. ११) किन व्यक्तियों को सभा में नियुक्त नहीं करना चाहिए ? उत्तर : वेद विद्या से रहित मूर्ख, अधार्मिक व्यक्तियों को सभा में नियुक्त नहीं करना चाहिए। प्र. १२) राजा को किन बुराइयों से दूर रहना चाहिए ? उत्तर : राजा को निम्न बुराइयों से दूर रहना चाहिए- १. जुआ खेलना, २. नशा करना, ३. अधर्म, ४. निन्दा, ५. बिना अपराध के दण्ड देना। प्र. १३) मन्त्री किसे बनाना चाहिए ? उत्तर : वेद आदि शास्त्रों को जानने वाला, अपने देश में उत्पन्न, उत्तम धार्मिक व्यक्ति को मन्त्री बनाना चाहिए। प्र. १४) राजदूत में कौन से गुण होने चाहिए ? उत्तर : राजदूत निर्भीक, कुशल वक्ता, छल-कपट से रहित और विद्वान् होना चाहिए। प्र. १५) किन व्यक्तियों को युद्ध में नहीं मारना चाहिए ? उत्तर : अत्यन्त घायल, दुःखी, शस्त्र से रहित, भागने वाला योद्धा, हार स्वीकार करने वाले को युद्ध में नहीं मारना चाहिए। प्र. १६) उपरोक्त व्यक्तियों के साथ क्या करें ? उत्तर : उन्हें बन्दी बनाकर जेल में डाल देना चाहिए। प्र. १७) पराजित शत्रुओं के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए ? उत्तर : पराजित शत्रुओं को भोजन, वस्त्र व औषधि देनी चाहिए। जिनसे भविष्य में हानि की सम्भावना हो उन्हें जीवन भर कारागार में ही रखना चाहिए तथा उनके परिवार की सुरक्षा करनी चाहिए। प्र. १८) राजा का परम धर्म क्या है ? उत्तर : राजा का परम धर्म प्रजा का पालन करना है। प्र. १९) किन से शत्रुता नहीं करनी चाहिए ? उत्तर : बुद्धिमान, कुलीन, शूरवीर, धैर्यवान् व्यक्ति से शत्रुता नहीं करनी चाहिए। प्र. २०) क्या राजनीति का धर्म से कोई सम्बन्ध नहीं है ? उत्तर : राजधर्म को ही राजनीति कहते हैं, इसलिए राजनीति धर्म से अलग नहीं है। Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.