ज्ञानविज्ञान का आदिमूल June 20, 2019 By Arun Aryaveer सत्य विद्या और इससे ज्ञात पदार्थ विद्या का आदि मूल परमेश्वर है। अणोरणीयान- अर्थात् सूक्ष्म से सूक्ष्मतम- भौतिक विज्ञान का, महतो महीयान- अर्थात् महान से महानतम अन्तरिक्ष विज्ञान का, यजन- अर्थात् त्यागन-लक्ष्यन-संगठन-प्रबन्धनशास्त्र का, ऋत्विज- ऋत परिवर्तनों का ज्ञाता- परिवर्तन प्रबन्धन का, शुद्धमपापविद्धम्- शून्यत्रुटिविधा का, नाट्य- दशरूपकम्- पर्ट या परियोजना प्रबन्धन का, अघमर्षण- सुधार व्यवस्था का, इळस्पद- कार्य समूह या संगठन विज्ञान का, तद्दूरे तद्वन्तिके- क्वांटम सिद्धान्त का, एकत्वम्- चतुर्सूक्ष्म आयाम विज्ञान का, ऋतजा- भूगोल विज्ञान का, शृत्विज- नीति विज्ञान तथा संबंधित अपराधशास्त्र का, पुरुष- समाजशास्त्र का, सुखम् तथा स्वस्थ- आरोग्यशास्त्र या चिकित्साशास्त्र का, पंचपरमेश्वर- पंचीकरण तथा श्रम विभाजन का, ईशन- यत्नाभ्यास उद्योगशास्त्र का, शान्ति- स्थैर्य एवं सन्तुलन- माप विज्ञान का तथा पर्यावरण का, अग्निम्- गतिविज्ञान का, दुःखम्- बीमारी विज्ञान का, ओ3म्- अध्यात्म विज्ञान का, पुरोहितम् शिक्षाशास्त्र का, रसम्- आयुर्वेद का, रूपम्- कलाविज्ञान का, शब्दम्- संगीत विज्ञान का, प्राणम्- ऊर्जाविज्ञान का, वाजम्- अन्न एवं खाद्यविज्ञान का, अक्षर- अक्ष-र अ-क्षर दर्शनशास्त्रों का, वाक्- भाषाशास्त्र का, वर्च- प्रकाश गुरुत्वादि शक्ति वितान तथा विज्ञान का, हिरण्यगर्भ- सूर्यविज्ञान का, प्राज्ञ- खगोल गतिविज्ञान का, वरुण- न्यायशास्त्र का, अर्यमा- परीक्षाविज्ञान का, अनादि- कार्यकारण विज्ञान का, निराकार- वास्तुशास्त्र का, उक्षा- कृषिविज्ञान का, त्वष्टा- सुरक्षामय-सुरक्षादा- सुरक्षा अभियांत्रिकी का, रथप्रा- आरोग्यशास्त्र का, राति- स्तरीकरण या बेंचमार्किंग का, अरपा- शून्यत्रुटिविधा का, अमृत- सम्पूर्ण स्वास्थ्य का- स्वस्वास्थ्य संस्थान शक्ति का, बलदा-आत्मदा- साधना विज्ञान का, कः – सकारात्मक विज्ञान का- जिज्ञासात्मक उत्तरात्मक प्रणाली का, शिवतर- गुणात्मक स्तरीकरण का, सत्-चित्-आनन्द- त्रैत विज्ञान का, मनीषी- मनोविज्ञान का, पुरुष- श्रमविभाजन का भी, सप्तर्षि- ब्रडाब्रनि कडाकनि GIGO का और वेद- सत्ता ज्ञान लाभ विचार शास्त्र का आदिमूल है। स्व. डॉ. त्रिलोकीनाथ जी क्षत्रिय पी.एच.डी. (दर्शन – वैदिक आचार मीमांसा का समालोचनात्मक अध्ययन), एम.ए. (दर्शन, संस्कृत, समाजशास्त्र, हिन्दी, राजनीति, इतिहास, अर्थशास्त्र तथा लोक प्रशासन), बी.ई. (सिविल), एल.एल.बी., डी.एच.बी., पी.जी.डी.एच.ई., एम.आई.ई., आर.एम.पी. (10752) Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.