09. विश्वानि देव.. १..!! October 13, 2019 By Arun Aryaveer Download ओ३म् विश्वानि देव सवितर्दुरितानि परा सुव। यद् भद्रन्तन्न ऽ आसुव।। 1।। (यजु अ.30/मं.3) हे सकल जगत् के उत्पत्तिकर्ता, समग्र ऐश्वर्ययुक्त, शुद्धस्वरूप, सब सुखों के दाता परमेश्वर ! आप कृपा करके हमारे सम्पूर्ण दुर्गुण, दुर्व्यसन और दुःखों को दूर कर दीजिए; जो कल्याणकारक गुण, कर्म, स्वभाव और पदार्थ हैं वह सब हमको प्राप्त कीजिए। सकल जगत के उत्पादक हे, हे सुखदायक शुद्ध स्वरूप। हे समग्र ऐश्वर्ययुक्त हे, परमेश्वर हे अगम अनूप।। दुर्गुण-दुरित हमारे सारे, शीघ्र कीजिए हमसे दूर। मंगलमय गुण-कर्म-शील से, करिए प्रभु हमको भरपूर।।