२९- झंडाधारी March 20, 2020 By Arun Aryaveer Download २९- झंडाधारी आया झंडाधारी वेद धर्म का उडाया झंडा। मंत्र ओम्कार तें जगत को जगायो है।। पाप-ताप, क्लेश-द्वेष, जेर-जुल्म जारिबे को। कहा महिमण्डल पे महानल आयो है।। कृण्वन्तो विश्वमार्यम् एक वेद-मन्त्र हु ते। काराणी कहत सारे हिन्द को हिलायो है।। धर्म धारिबे को आर्यावर्त के उद्धारिबे को। डूबतों के तारिबे को दयानन्द आयो है।।२९।। ~ दयानन्द बावनी स्वर : ब्र. अरुणकुमार “आर्यवीर” ध्वनि मुद्रण : कपिल गुप्ता, मुंबई