०९- देश की दुर्दशा March 20, 2020 By Arun Aryaveer Download ०९- देश की दुर्दशा भारत भूमि में वेद धूनि न सुनाई कहीं। सुना बाईबल सुनाईं आयतें कुरान की।। ईसु की ईमानदारी पादरी पडान लागे। संग में सुनान लगीं आवाजें अजान की।। काराणी कहत ‘‘बोडी बामनी’’ को जेसो खेत। वैसी दशा भई सारे देश हिन्दुस्थान की।। अधर्म का घोर अन्धकार देख-देख दयानन्द-। ने उठाई डोर धर्म की कमान की।।९।। ~ दयानन्द बावनी स्वर : ब्र. अरुणकुमार “आर्यवीर” ध्वनि मुद्रण : कपिल गुप्ता, मुंबई