०८- गुरु की शरण में March 20, 2020 By Arun Aryaveer Download ०८- गुरु की शरण में भारत की एक भव्य विभूति विरजानन्द। गुरुवर शरण में दयानन्द आयो है।। प्रज्ञाचक्षु गुरुजी को क्रोधी स्वभाव सह्यो। शिष्य को सुधर्म सहिष्णुता अपनायो है।। वेदधर्मोद्धार-व्रत दिया गुरुदक्षिणा में। या ते गुरुराज ने अपार हर्ष पायो है।। काराणी कहत गुरुज्ञान से प्रकाशमान। देव दयानन्द ने जगत में झुकायो है।।८।। ~ दयानन्द बावनी स्वर : ब्र. अरुणकुमार “आर्यवीर” ध्वनि मुद्रण : कपिल गुप्ता, मुंबई